Sita Ram Aarti
Aarti
1
जयति जयति वन्दन हर की गाओ मिल आरती सिया रघुवर की ॥
2
भक्ति योग रस अवतार अभिराम करें निगमागम समन्वय ललाम । सिय पिय नाम रूप लीला गुण धाम बाँट रहे प्रेम निष्काम बिन दाम । हो रही सफल काया नारी नर की गाओ मिल आरती सिया रघुवर की ॥
3
गुरु पद नख मणि चन्द्रिका प्रकाश जाके उर बसे ताके मोह तम नाश । जाके माथ नाथ तव हाथ कर वास ताके होए माया मोह सब ही विनाश ॥ पावे रति गति मति सिया वर की गाओ मिल आरती सिया रघुवर की ॥