Kuber Chalisa
Opening
Doha 1
जैसे अटल हिमालय, और जैसे अडिग सुमेर। ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर॥
Doha 2
विघ्न हरण मंगल करण, सुनो शरणागत की टेर। भक्त हेतु वितरण करो, धन माया के ढ़ेर॥
Chaupai
Chaupai 1
जय जय जय श्री कुबेर भण्डारी। धन माया के तुम अधिकारी॥
Chaupai 2
तप तेज पुंज निर्भय भय हारी। पवन वेग सम सम तनु बलधारी॥
Chaupai 3
स्वर्ग द्वार की करें पहरे दारी। सेवक इन्द्र देव के आज्ञाकारी॥
Chaupai 4
यक्ष यक्षणी की है सेना भारी। सेनापति बने युद्ध में धनुधारी॥
Chaupai 5
महा योद्धा बन शस्त्र धारैं। युद्ध करैं शत्रु को मारैं॥
Chaupai 6
सदा विजयी कभी ना हारैं। भगत जनों के संकट टारैं॥
Chaupai 7
प्रपितामह हैं स्वयं विधाता। पुलिस्ता वंश के जन्म विख्याता॥
Chaupai 8
विश्रवा पिता इडविडा जी माता। विभीषण भगत आपके भ्राता॥
Chaupai 9
शिव चरणों में जब ध्यान लगाया। घोर तपस्या करी तन को सुखाया॥
Chaupai 10
शिव वरदान मिले देवत्य पाया। अमृत पान करी अमर हुई काया॥
Chaupai 11
धर्म ध्वजा सदा लिए हाथ में। देवी देवता सब फिरैं साथ में॥
Chaupai 12
पीताम्बर वस्त्र पहने गात में। बल शक्ति पूरी यक्ष जात में॥
Chaupai 13
स्वर्ण सिंहासन आप विराजैं। त्रिशूल गदा हाथ में साजैं॥
Chaupai 14
शंख मृदंग नगारे बाजैं। गंधर्व राग मधुर स्वर गाजैं॥
Chaupai 15
चौंसठ योगनी मंगल गावैं। ऋद्धि सिद्धि नित भोग लगावैं॥
Chaupai 16
दास दासनी सिर छत्र फिरावैं। यक्ष यक्षणी मिल चंवर ढूलावैं॥
Chaupai 17
ऋषियों में जैसे परशुराम बली हैं। देवन्ह में जैसे हनुमान बली हैं॥
Chaupai 18
पुरुषों में जैसे भीम बली हैं। यक्षों में ऐसे ही कुबेर बली हैं॥
Chaupai 19
भगतों में जैसे प्रहलाद बड़े हैं। पक्षियों में जैसे गरुड़ बड़े हैं॥
Chaupai 20
नागों में जैसे शेष बड़े हैं। वैसे ही भगत कुबेर बड़े हैं॥
Chaupai 21
कांधे धनुष हाथ में भाला। गले फूलों की पहनी माला॥
Chaupai 22
स्वर्ण मुकुट अरु देह विशाला। दूर दूर तक होए उजाला॥
Chaupai 23
कुबेर देव को जो मन में धारे। सदा विजय हो कभी न हारे॥
Chaupai 24
बिगड़े काम बन जाएं सारे। अन्न धन के रहें भरे भण्डारे॥
Chaupai 25
कुबेर गरीब को आप उभारैं। कुबेर कर्ज को शीघ्र उतारैं॥
Chaupai 26
कुबेर भगत के संकट टारैं। कुबेर शत्रु को क्षण में मारैं॥
Chaupai 27
शीघ्र धनी जो होना चाहे। क्युं नहीं यक्ष कुबेर मनाएं॥
Chaupai 28
यह पाठ जो पढ़े पढ़ाएं। दिन दुगना व्यापार बढ़ाएं॥
Chaupai 29
भूत प्रेत को कुबेर भगावैं। अड़े काम को कुबेर बनावैं॥
Chaupai 30
रोग शोक को कुबेर नशावैं। कलंक कोढ़ को कुबेर हटावैं॥
Chaupai 31
कुबेर चढ़े को और चढ़ादे। कुबेर गिरे को पुनः उठा दे॥
Chaupai 32
कुबेर भाग्य को तुरंत जगा दे। कुबेर भूले को राह बता दे॥
Chaupai 33
प्यासे की प्यास कुबेर बुझा दे। भूखे की भूख कुबेर मिटा दे॥
Chaupai 34
रोगी का रोग कुबेर घटा दे। दुखिया का दुख कुबेर छुटा दे॥
Chaupai 35
बांझ की गोद कुबेर भरा दे। कारोबार को कुबेर बढ़ा दे॥
Chaupai 36
कारागार से कुबेर छुड़ा दे। चोर ठगों से कुबेर बचा दे॥
Chaupai 37
कोर्ट केस में कुबेर जितावै। जो कुबेर को मन में ध्यावै॥
Chaupai 38
चुनाव में जीत कुबेर करावैं। मंत्री पद पर कुबेर बिठावैं॥
Chaupai 39
पाठ करे जो नित मन लाई। उसकी कला हो सदा सवाई॥
Chaupai 40
जिसपे प्रसन्न कुबेर की माई। उसका जीवन चले सुखदाई॥
Chaupai 41
जो कुबेर का पाठ करावै। उसका बेड़ा पार लगावै॥
Chaupai 42
उजड़े घर को पुनः बसावै। शत्रु को भी मित्र बनावै॥
Chaupai 43
सहस्र पुस्तक जो दान कराई। सब सुख भोग पदार्थ पाई॥
Chaupai 44
प्राण त्याग कर स्वर्ग में जाई। मानस परिवार कुबेर कीर्ति गाई॥
Closing
Doha 1
शिव भक्तों में अग्रणी, श्री यक्षराज कुबेर। हृदय में ज्ञान प्रकाश भर, कर दो दूर अंधेर॥
Doha 2
कर दो दूर अंधेर अब, जरा करो ना देर। शरण पड़ा हूं आपकी, दया की दृष्टि फेर॥