Shri Datta Sharanashtakam

Ashtakam

1

दत्तात्रेय भव शरणम्। दत्तनाथ भव शरणम्। त्रिगुणात्मक त्रिगुणातीत। त्रिभुवनपालक भव शरणम्॥

2

शाश्वतमूर्ते भव शरणम्। श्यामसुन्दर भव शरणम्। शेषाभरण शेषभूषण। शेषशायिन् गुरो भव शरणम्॥

3

षड्भुजमूर्ते भव शरणम्। षड्यतिवर भव शरणम्। दण्डकमण्डलु गदापद्मकर। शङ्खचक्रधर भव शरणम्॥

4

करुणानिधे भव शरणम्। करुणासागर भव शरणम्। कृष्णासङ्गमिंस्तरुवरवासिन्। भक्तवत्सल भव शरणम्॥

5

श्रीगुरुनाथ भव शरणम्। सद्गुरुनाथ भव शरणम्। श्रीपादश्रीवल्लभ गुरुवर। नृसिंहसरस्वति भव शरणम्॥

6

कृपामूर्ते भव शरणम्। कृपासागर भव शरणम्। कृपाकटाक्ष कृपावलोकन। कृपानिधे गुरो भव शरणम्॥

7

कालान्तक भव शरणम्। कालनाशक भव शरणम्। पूर्णानन्द पूर्णपरेश। पुराणपुरुष भव शरणम्॥

8

हे जगदीश भव शरणम्। जगन्नाथ भव शरणम्। जगत्पालक जगदधीश। जगदुद्धार भव शरणम्॥

9

अखिलान्तर भव शरणम्। अखिलैश्वर्य भव शरणम्। भक्तप्रिय वज्रपञ्जर। प्रसन्नवक्त्र भव शरणम्॥

10

दिगम्बर भव शरणम्। दीनदयाघन भव शरणम्। दीननाथ दीनदयाळ। दीनोद्धार भव शरणम्॥

11

तपोमूर्ते भव शरणम्। तेजोराशे भव शरणम्। ब्रह्मानन्द ब्रह्मसनातन। ब्रह्ममोहन भव शरणम्॥

12

विश्वात्मक भव शरणम्। विश्वरक्षक भव शरणम्। विश्वम्भर विश्वजीवन। विश्वपरात्पर भव शरणम्॥

13

विघ्नान्तक भव शरणम्। विघ्ननाशक भव शरणम्। प्रणवातीत प्रेमवर्धन। प्रकाशमूर्ते भव शरणम्॥

14

निजानन्द भव शरणम्। निजपददायक भव शरणम्। नित्यनिरञ्जन निराकार। निराधार भव शरणम्॥

15

चिद्धनमूर्ते भव शरणम्। चिदाकार भव शरणम्। चिदात्मरूप चिदानन्द। चित्सुखकन्द भव शरणम्॥

16

अनादिमूर्ते भव शरणम्। अखिलावतार भव शरणम्। अनन्तकोटि ब्रह्माण्डनायक। अघटितघटन भव शरणम्॥

17

भक्तोद्धार भव शरणम्। भक्तरक्षक भव शरणम्। भक्तानुग्रह गुरुभक्तप्रिय। पतितोद्धार भव शरणम्॥

18

दत्तात्रेय भव शरणम्॥